
सब पर शक
3 से 6 खिलाड़ी · हर गेम लगभग 30-40 मिनट · कठिनाई ★★
फ़ोन पर किरदार निभाएँ और मिलकर गुत्थी सुलझाएँ। अपने राज़ छिपाएँ!
हर कोई अपने किरदार में डूबकर कहानी निभाता है और सब मिलकर गुत्थी सुलझाते हैं। अपने राज़ छिपाएँ, इल्ज़ाम से बचें, और असली अपराधी को ढूँढ निकालना है।
क्या चाहिए: 3 से 6 लोग, हर किसी के पास एक फ़ोन, और नोट्स के लिए कागज़ और पेन।
गेम के बारे में
सब पर शक एक मर्डर मिस्ट्री पार्टी गेम है, जिसमें 3 से 6 खिलाड़ी एक साथ बैठकर अपने अपने फ़ोन पर खेलते हैं। हर खिलाड़ी कहानी का एक किरदार बनता है। सवाल पूछिए, बातें छिपाइए, बहस कीजिए और पता लगाइए कि आप में से अपराधी कौन है।
हर कोई अपने किरदार में डूबकर कहानी निभाता है और सब मिलकर गुत्थी सुलझाते हैं। अपने राज़ छिपाएँ, इल्ज़ाम से बचें, और असली अपराधी को ढूँढ निकालना है।
क्या चाहिए: 3 से 6 लोग, हर किसी के पास एक फ़ोन, और नोट्स के लिए कागज़ और पेन।
एक बाज़ी ऐसे चलती है
- एक छोटे से शुरुआती वीडियो से केस शुरू होता है। जगह, किरदार और उस रात क्या हुआ, सब एक नज़र में समझ आ जाता है।
- आपका किरदार कार्ड सिर्फ़ आपके फ़ोन पर दिखता है। आपके राज़ और उस रात आपने क्या किया, यह सिर्फ़ आप जानते हैं।
- हर राउंड में नक़्शे पर जाँच की जगह चुनिए और सबूत लेकर आइए। जो पहले उठाए, सबूत उसी का।
- सबूत सबको दिखाना है, सिर्फ़ ज़ुबानी बताना है या छिपा लेना है, यह आपका फ़ैसला। अपराधी भी झूठ बोलता है।
- आख़िर में सब मिलकर मतदान करते हैं, फिर सच्चाई और अंत के वीडियो में अपराधी का पर्दाफ़ाश होता है।
गेम में शामिल केस
- गणेश प्रिंटर्स, भोर से पहले: स्कूल की ईयरबुक छपने से पहले की भोर, और सारी प्रिंटिंग प्लेटें खुरची हुई मिलती हैं। हर बाज़ी में अपराधी बदल जाता है।
- गुलमोहर, जन्मदिन की शाम: जन्मदिन का आधा केक ग़ायब है। पहली बार खेलने वालों के लिए एकदम सही, आसान केस।
- हिमशिखर लॉज, बर्फ़ीले तूफ़ान की रात: बर्फ़ में फँसा पहाड़ी लॉज, और धुएँ के बीच मालिक मृत मिलता है। (अतिरिक्त केस)
- धनौरा पंचायत भवन, बरसाती रात और लहर विला, तूफ़ानी रात: गहरी कहानी चाहने वालों के लिए अतिरिक्त केस।
सबके साथ खेलना आसान
- रूम कोड या QR कोड से तुरंत जुड़िए। सभी फ़ोन एक साथ एक ही चरण में आगे बढ़ते हैं।
- किसी संचालक की ज़रूरत नहीं, ऐप ख़ुद खेल चलाता है। पहली बार खेलने वाले भी बस स्क्रीन पर दिए निर्देश मानते जाएँ।
- एक बाज़ी 30 से 40 मिनट की। हर केस की कहानी खिलाड़ियों की संख्या के हिसाब से बदलती है।
- 19 भाषाओं में उपलब्ध। किरदारों के नाम भी हर भाषा के हिसाब से बदल जाते हैं।
दोस्तों की महफ़िल, नए घर की दावत, सफ़र या क्लब की मीटिंग में मिलकर एक रहस्य कथा रचिए। कौन जाने, अपराधी आपके बगल में ही बैठा हो।
नियम और खेलने का तरीका
ऐसे खेलें
यह विंडो बंद करने या वापस जाने पर आप उसी गेम में लौट आएँगे। जब भी कुछ जानना हो, बेझिझक खोलें।
यह खेल कैसा है
हर कोई संदिग्ध एक ऐसा गेम है जिसमें हर खिलाड़ी अपने किरदार में पूरी तरह डूबकर कहानी को अभिनय की तरह निभाता है, और सब मिलकर अपराधी का पता लगाते हैं। केस वाले दिन वहाँ मौजूद लोगों में से हर खिलाड़ी एक व्यक्ति बनता है। फिर सब एक-दूसरे से सवाल पूछते और जवाब देते हैं, और उन बातों को सबूतों से मिलाते हुए अपराधी को ढूँढ निकालते हैं। इस गेम में बातचीत ही असली खेल है, इसलिए आप आपस में जितनी ज़्यादा बातें करेंगे, उतने ही ज़्यादा सुराग मिलेंगे।
अपराधी भी खिलाड़ियों में से ही कोई एक होता है। अपराधी पकड़े जाने से बचने के लिए बातों के सहारे टिका रहता है, और जो अपराधी नहीं हैं उनके पास भी कोई न कोई राज़ होता है जिसे वे छिपाना चाहते हैं, इसलिए हर कोई थोड़ा-बहुत संदिग्ध लगता है। ऐसे में आपको अपना राज़ बचाते हुए और झूठे इल्ज़ाम से बचते हुए असली अपराधी को ढूँढ निकालना है।
शुरू करने से पहले
3 से 6 लोग एक जगह इकट्ठा हों और हर कोई अपना एक फ़ोन साथ रखे। हर व्यक्ति को नोट्स के लिए एक कागज़ और पेन दे दें, तो बातचीत कहीं ज़्यादा आसान हो जाती है। एक बार खेलने में आमतौर पर 30 से 40 मिनट लगते हैं, और बातें लंबी चलें तो यह समय बढ़ भी सकता है।
कोई एक व्यक्ति होस्ट बनकर रूम बनाता है और लॉबी का QR दिखाकर या इनवाइट लिंक भेजकर बाकी लोगों को बुलाता है। होस्ट “आगे” दबाकर अगले चरण पर ले जाने वाले संचालक की भूमिका भी निभाता है, इसलिए आगे बढ़ने से पहले एक बार सबसे पूछ लेना अच्छा रहता है कि सबने पढ़ लिया है या नहीं। सब लोग आ जाएँ तो हर कोई अपना किरदार चुनता है, और फिर होस्ट गेम शुरू करता है।
अपना किरदार कार्ड पढ़ें
गेम शुरू होते ही आपका किरदार कार्ड सिर्फ़ आपके फ़ोन पर दिखता है। पहले अपना नाम, उम्र, दूसरों से रिश्ते और उस रात आपने क्या-क्या किया, यह पढ़ें, और उसके बाद अपना राज़ पढ़कर याद कर लें। कार्ड की स्क्रीन किसी और को न दिखाएँ और जितना ज़रूरी हो उतना ही ज़ुबानी बताएँ, यही इस खेल का बुनियादी नियम है।
अगर आप अपराधी हैं, तो आपको अलग से अपराधी कार्ड मिलता है। उसमें लिखा होता है कि आपने असल में क्या किया, कौन-से सबूत सामने आने पर आप मुश्किल में पड़ सकते हैं, और पूछे जाने पर आप क्या बहाना बना सकते हैं। अगर आपको बताया जाए कि आप अपराधी नहीं हैं, तो आप अपराधी को ढूँढने वालों में हैं, फिर भी अपना राज़ आपको उसी तरह छिपाकर रखना है।
किरदार बनकर बोलें
बोलते समय आप अपने किरदार की जगह से “मैं” से शुरू करके पहले पुरुष में बात करते हैं। अच्छी एक्टिंग की ज़रूरत नहीं है, बस कार्ड में लिखे स्वभाव और हालात को ध्यान में रखकर सोचें कि वह व्यक्ति ऐसे में क्या कहता, इतना काफ़ी है। शुरू में थोड़ी झिझक हो सकती है, लेकिन एक-दो बातें होते ही सब सहज लगने लगता है।
जैसे, आप अपनी गतिविधि बताते हुए कह सकते हैं, “मैं करीब नौ बजे थोड़ी देर के लिए रसोई में गया था और फिर सीधे ऊपर अपने कमरे में चला गया,” और फिर दूसरों से पलटकर पूछ सकते हैं, “उस वक़्त मैंने गलियारे में किसी के दौड़ने की आवाज़ सुनी थी, क्या किसी को पता है कि वह कौन था?” ये उदाहरण सिर्फ़ समझाने के लिए गढ़े गए हैं, असली केस में आपको क्या कहना है वह आपके कार्ड में लिखा है, इसलिए उसी के आधार पर बात करें।
जाँच करना
हर राउंड में नक़्शे पर कोई रूम चुनकर जाँच करें, तो वहाँ मौजूद सबूत कार्ड के रूप में दिखते हैं। चीज़ें और कागज़ात उसी के पास जाते हैं जो उन्हें पहले उठा ले, जबकि धब्बे जैसे निशान जितने लोगों ने देखे, वे सब अपने-अपने याद रखते हैं। जाँच के मौक़े गिने-चुने होते हैं, इसलिए आप किस पर शक कर रहे हैं, उसी हिसाब से जगह चुनना बेहतर है।
बातचीत के समय क्या करें
जाँच पूरी होने के बाद सब मिलकर बातचीत करते हैं। शुरुआत में बारी-बारी से हर कोई बताए कि उस रात वह कहाँ था, यह आसान रहता है, और उसके बाद जिससे जो पूछना हो, खुलकर पूछें। पूछने वाला समय और जगह साफ़-साफ़ बताकर सवाल करे, और जवाब देने वाला उतना ही बताए जितना उसका किरदार जानता है।
सबसे ज़्यादा इस तरह के सवाल पूछे जाते हैं: “उस वक़्त आप कहाँ थे?”, “तब आपने किसे देखा?”, “अभी जो सबूत आपने उठाया, क्या वह दिखा सकते हैं?”, “वह चीज़ आपके पास क्यों है?” अगर किसी का जवाब आपस में मेल न खाए या कोई बात घुमाए, तो उस बात को नोट कर लें और अगले राउंड में फिर से पूछें।
ऐप में आप कोई सबूत सिर्फ़ किसी खास व्यक्ति को दिखा सकते हैं या उसे दे सकते हैं, और चाहें तो सबके सामने भी ला सकते हैं। जो चीज़ हाथ में नहीं होती, जैसे आपका देखा हुआ कोई दृश्य, वह सिर्फ़ ज़ुबानी बताई जाती है, इसलिए जो सुनें उसे तुरंत लिख लें। अगर कोई आपके हाथ या पैर देखना चाहे, तो मेरे कार्ड में शरीर के निशान वाले हिस्से को दबाकर रखें और दिखा दें, उँगली हटाते ही वह फिर छिप जाता है।
राज़ कैसे बचाएँ, और झूठ कहाँ तक
इस खेल में आप अपराधी हों या न हों, झूठ बोल सकते हैं। लेकिन जो बात ऐप के रिकॉर्ड से या किसी और की अपनी आँखों देखी बात से टकराती है, वह जल्दी पकड़ी जाती है, इसलिए तथ्यों को जैसा है वैसा रहने दें और यह चुनें कि क्या नहीं बताना है, यही लंबे समय तक टिके रहने का तरीका है। मेरे कार्ड में राज़ के नीचे दिए “ऐसे करके देखें” को पढ़ लें, तो यह तय करना आसान हो जाता है कि कहाँ तक बताना है।
अपराधी न होने पर भी अगर आपको लगे कि आपका राज़ खुलने वाला है, तो आप कम बोल सकते हैं या बात बदल सकते हैं। हालाँकि इससे आप दूसरों को संदिग्ध लग सकते हैं, इसलिए कम से कम यह बात कि आप अपराधी नहीं हैं, किसी दूसरे तथ्य से साबित करना ज़्यादा सुरक्षित रहता है। हाथ में मौजूद सबूत छिपाने पर कोई अंक नहीं कटता, और जो सबूत आखिर तक सामने नहीं लाए गए, वे सच्चाई सामने आने पर सबको दिख जाते हैं।
नोट्स कैसे लें
कागज़ पर हर व्यक्ति के लिए एक खाना बनाएँ और उसमें वह समय और जगह लिखें जो उसने बताई। जहाँ लोगों की बातें आपस में मिलती हों या टकराती हों, वहाँ निशान लगा दें, इससे मतदान के समय आपका आधार साफ़ रहता है और आखिर में राज़ पहचानने में भी मदद मिलती है। किसने किस रूम से सबूत उठाया, यह टेबल वाली स्क्रीन पर दर्ज रहता है, इसलिए बस इतना पूछकर भरना काफ़ी है कि क्या उठाया।
मतदान और राज़ पहचानना
तीन राउंड पूरे होने पर सब एक साथ अपराधी चुनते हैं। जिसे सबसे ज़्यादा वोट मिलते हैं, उसे अपराधी माना जाता है, बराबरी होने पर दोबारा मतदान होता है, और तब भी फ़ैसला न हो तो अपराधी बच निकलता है। मतदान के बाद अपने अलावा बाकी हर व्यक्ति का एक-एक राज़ चुनकर पहचानने की बारी आती है।
सच्चाई और नतीजा
आखिर में सच्चाई का वीडियो और लिखित विवरण दिखाकर बताया जाता है कि उस रात असल में क्या हुआ था। जो अपराधी नहीं थे, उन्हें अपराधी को सही चुनने पर अंक मिलते हैं, और अपराधी को आखिर तक न पकड़े जाने पर अंक मिलते हैं। किसने कहाँ झूठ बोला, इस पर मिलकर बात करते हुए पीछे मुड़कर देखना इस खेल का सबसे मज़ेदार पल भी होता है।
पहली बार खेलने वाले ग्रुप के लिए सुझाव
अगर ज़्यादातर लोग पहली बार खेल रहे हों, तो होस्ट का बातचीत को आगे बढ़ाना अच्छा रहता है। बारी-बारी से हर किसी से उस रात की बात कहलवाएँ और जो कम बोल रहे हों उनसे पहले सवाल करें, तो सब बराबर हिस्सा ले पाते हैं। बातचीत का समय तय कर दें तो कोई राउंड बहुत लंबा नहीं खिंचता, और तय न करें तो बातें खत्म होने तक चलती रहती हैं।
गलत अंदाज़ा लगाना भी ठीक है, और किसी बेकसूर पर शक करना भी इस खेल के मज़े का हिस्सा है। अपराधी को पहचानना जितना ज़रूरी है, उतना ही ज़रूरी है एक-दूसरे की बातें सुनना और कहानी निभाने का मज़ा लेना, इसलिए बेझिझक अपने किरदार में आकर बोलकर देखें।
अंक
अपराधी न होने पर अपराधी को सही चुनने पर +2 और गलत चुनने पर -1 मिलता है। दूसरों का हर राज़ सही पहचानने पर +1 मिलता है। सबूत छिपाने पर कोई अंक नहीं कटता।
अपराधी होने पर न पकड़े जाएँ तो +3, पकड़े जाएँ तो 0। अगर किसी और को सबसे ज़्यादा वोट मिलें तो +1 और मिलता है, और दूसरों का हर राज़ सही पहचानने पर +1 मिलता है।
सेटिंग
गेम स्क्रीन में ऊपर ⚙️ दबाकर कभी भी यह नियम पुस्तिका खोल सकते हैं। होस्ट के लिए गेम खत्म करने का विकल्प भी वहीं है। गेम खत्म करने पर सच्चाई सामने नहीं आती और सब होम स्क्रीन पर लौट जाते हैं।




